किसान संगठन ने मांग की है कि वन अधिकारियों को वनकर्मियों के हमले से मक्के की फसल के नुकसान की भरपाई करनी चाहिए.

हनूर तालुक के केवीएन डोड्डी गांव के कादिरय्या ने अपने खेत में नकाबपोश मक्के की फसल लगाई थी, खेत के चारों ओर पत्थर के खंभे और जाल लगाए गए थे, और रात में वन क्षेत्र से जंगल के जानवर आए और पत्थर के खंभे और तार की बाड़ को रौंद दिया, जिससे किसान को लाखों रुपये का नुकसान हुआ।

उधार की फसल और तारबाड़ को नष्ट करना: थोड़े से पानी में ही खेत में मक्के की फसल लगा दी गई है और कटाई का समय है, ऐसे में वन क्षेत्र से आने वाले जंगली सूअरों ने तारबाड़ के पत्थर के खंभों को तोड़ कर नुकसान पहुंचाया है और फसलों को भी रौंद दिया है, जिससे संबंधित विभाग के अधिकारियों ने आक्रोश व्यक्त किया है कि वे जंगली जानवरों के झुंड को रोकने में विफल रहे हैं.

उचित समाधान की मांग: वनों की कटाई वाले क्षेत्रों में किसानों की जमीन पर आए दिन फसल की क्षति हो रही है. जंगली जानवर बढ़ गए हैं और कटाई किसानों के लिए बड़ा सिरदर्द बन गई है. चूंकि फसलें बड़ी हो गई हैं और परिवार के भरण-पोषण के लिए फसल नहीं जुटाई गई है, इसलिए वन अधिकारियों ने मांग की है कि किसान की जमीन का दौरा करने और उचित मुआवजा देने की कार्रवाई की जाए...

वन विनाश में जंगली जानवरों की रोकथाम: वन अधिकारियों की लापरवाही के कारण, जंगली जानवरों के आतंक के कारण किसानों की भूमि में उगाई गई फसलें किसानों के हाथों तक नहीं पहुंच पाती हैं और लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है।

रिपोर्ट: निम्पू ब्रदर्स

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